“जैसा मेने सहा है, कोई और न सहे”

Swati Mehrotra घर एक ऐसी जगह है जहा हम सब खुद को बहुत महफूज़ समझते है | सुरक्षित रहने और आगे बढ़ने के लिये इस दुनिया में ‘परिवार’ सभी की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। किसी के भी जीवन में परिवार की कई सारी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ होती है। माता –पिता हमारे आदर्श और भाई –बहन हमारे सबसे … Continue reading “जैसा मेने सहा है, कोई और न सहे”

Happy World Water Day!

So, why am I harping on water all of a sudden? Well, like every year, the International World Water Day is being celebrated on 22nd March. Now, are we aware of the International World Water Day and its significance? I can wistfully say that only a handful of us would be answering in the affirmative. Hence, let me briefly tell you about the history of the International World Water Day.

हमें आपकी दया, तरस नहीं सिर्फ प्यार चाहिये….

अगर आप मुझे पसंद नहीं करते तो ये मेरी समस्या नहीं है | जब मैं मेंडिटेशन करती हूँ, तब मेरे अन्दर की आत्मा भगवान् से जुड़ जाती है, उससे मुझे मदद मिलती है शक्ति मिलती है कुछ अच्छा करने की | एचआईवी लोगों से भेदभाव नहीं करता बल्कि लोग भेदभाव करते हैं | हमें आपकी दया, तरस नहीं सिर्फ प्यार चाहिये...

The RainbowMan “Harish Iyer”

This is Harish Iyer, an equal rights activist, who is most popularly known for his campaigns for the rights of the Lesbian-Gay-Bisexual-Transgender (LGBT) community and Child Sexual Abuse (CSA). For the very first time I heard him speaking at REX Conclave in 2014. It was the silence that suddenly surrounded me. Tears flow within my heart imagining his state of mind and his past.

अस्तित्व की सामाजिक लड़ाई है “विधवा “

यह सच में महिला सशक्तिकरण का दुनिया भर में डंका पीटने वाले देश के लिए भयावाह स्थिति है | विधवा महिला को डायन कह देना या पति की मौत के लिए उसे जिम्मेदार ठहराना पूरे भारत में आम है | ऐसी महिला का चरित्र सदा शक के दायरे में डाल दिया जाता है , चाहे वो किसी से भी 2 मिनट बात भी कर ले तो |

मैं तो शुरू से ही चाँद थी, बस थोड़े दिन का ग्रहण था

बेटियों का हाथ माता-पिता एक अजनबी को इस आशा के साथ देते हैं कि वो उसको वैसे ही आदर व सम्मान के साथ देखें जैसे उन्होंने देखा परंतु हमेशा ऐसा नहीं होता। सदियाँ बीत जाने के बाद आज भी दहेज़ के नाम पर बेटियाँ बलि चढ़ रही हैं। स्नेहा जावले की कहानी भी कुछ ऐसी ही है परंतु फ़र्क़ बस इतना है...

Disability Discourse West to East: A Critical Reflection

Sameer Chaturvedi is a PhD scholar at the Centre for Study of social systems, JNU. He is a young enthusiastic scholar in disability studies. Sameer himself is living with Cerebral Palsy, and he strongly believes that his disability is not a barrier to development of his "self".